दिल की जेब



मेरे बेटे शान के लिए,
तेरे दिल की जेब बस यूँ ही,
ईमान-ओ-उम्मीद से रहे भरी।  

तेरे सुनहरे सपनों की,
ख़ुद आसमाँ करे मेज़बानी।  

तेरे क़दमों को खींचे आगे,
बड़े प्यार से ये ज़मीं।  

बरकत ही बने हमेशा,
उठें हाथ तेरे जब भी।  

बाहर अँधेरा कितना भी गहरा हो,
तेरे सीने में जलती रहे रौशनी।  

उसकी माफ़ी की बारिशें धो दें तुझे,
कभी जो मैली हो जाए तेरी हस्ती।  

रखी है ये दुआ उसके क़दमों में,
रहम से देखे, देखे वो तुझे जब भी।  


टिप्पणियाँ

Girish Billore Mukul ने कहा…
नमन अंजना जी अदभुत रचना
Girish Billore Mukul ने कहा…
नमन अंजना जी अदभुत रचना

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