गुरुवार, नवंबर 23

ये मेरा खुदा

ये मेरा खुदा,
सड़कों पे मिल जाता है,
तो कभी बादलों के पीछे से कहीं,
देखके मुस्कुराता है!
 
हर किसी से मुहोब्बत करने को 
दिल में तूफ़ान मचाता है,
ग़रीब, मजबूर, मज़लूमों,
के चेहरों में नज़र आता है!
 
इसे कहीं दिल से पुकार लो,
वहीँ मिल जाता है,
कितने भी लोग खड़े हों आगे,
सीधा मेरे पास आता है!
 
न लाइन का लफड़ा,
न चंदे का चक्कर चलता है,
मैं ही सबसे ख़ास हूँ उसकी,
ऐसे फील कराता है!
 
कुछ भी खाया-पिया हो,
मस्त गले लगाता है,
सारी गलतियाँ माफ़ करके,
फिर से नया बनाता है!
 
ये मेरा खुदा,
अपना वजूद खुद ही संभालता है.
इंसान लड़ मरें इसके लिए,
यह तो बिलकुल नहीं चाहता है! 
 
ये मेरा खुदा,
सबको पास बुलाता है,
ये मेरा खुदा है तेरा खुदा भी,
ये समझाना चाहता है। 
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