शुक्रवार, जनवरी 1

मेरी दुआ


2016 आप सभी के लिए मंगलमय हो और ईश्वर से मेरी यही प्राथना है हम सबको अपनी उपस्थिति से भर दे।  आप जो भी हैं, जैसे भी हैं, किसी भी धर्म के मानने वाले हैं, वो आपको बहुत प्रेम करता है। पूरे विश्वास के साथ उस की ऒर देखें, वो आपको अपनी शान्ति से भर देगा। खुश रहें और खुश रखें! :-) :-)

तुझे सोचूं, तुझे देखूं,
तुझे ढूढूं, तुझे पाऊँ।

तू मंज़िल हो हर क़दम की
हर मुकाम पे तुझे पाऊँ।

होंगे और भी खूबसूरत मज़मून,
मैं बस तुझे गुनगुनाऊँ।

तेरी रहमत हो जाए तो,
मैं भी तेरे काम आऊँ।

अमन की कोशिशों में,
मैं भी हिस्सा बन पाऊँ।  

फोटो: गूगल 

लाया है जिसके लिए मुझे यहाँ,
उस मकसद को पूरा कर जाऊँ।

कुछ और नहीं, बस ईमान माँगू तुझसे,
तेरा ही चेहरा ताकूँ जब-जब घबराऊँ।

मुश्किल में हूँ या मज़े में,
मैं हर बात में शुक्र मनाऊँ।  

ज़िन्दगी का कोई सफर हो,
तेरे पीछे-पीछे चली आऊँ।

कोई भी, कहीं भी मिले,
हर चेहरे में तुझे पाऊँ। 

बस तुझे सोचूं, बस तुझे देखूं,
बस तुझे ढूढूं, बस तुझे पाऊँ।

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