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रविवार, मई 20

यादों की सड़कों पर हिंदुस्तान का सफ़र आसान हो जाता है,
अक्सर शहर-ए-माज़ी में कुछ पल अपनी सरज़मीं पे जी लेती हूँ 

यादें 

9 टिप्‍पणियां:

Bharat Bhushan ने कहा…

मादरे वतन की याद सब यादों से अधिक चमकीली होती है.

नीरज गोस्वामी ने कहा…

KYA BAAT KAHI HAI...WAAH...

NEERAJ

सदा ने कहा…

वाह ...बेहतरीन प्रस्‍तुति।

M VERMA ने कहा…

बहुत खूब

ARPI ने कहा…

bemisaal!!!!

Kailash Sharma ने कहा…

बहुत खूब !

दिगम्बर नासवा ने कहा…

ऐ मेरे प्यारे वतन ... तुझ पे दिल कुर्बान ...

Pallavi ने कहा…

वाह दो लाइनों मे ही बहुत सच और बहुत कुछ कह दिया आपने....

Smart Indian - स्मार्ट इंडियन ने कहा…

बहुत सुन्दर! जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी ...