गुरुवार, अगस्त 19

खुदा से डरो, खुदा के नाम पे लड़ने वालों

खुदा से डरो, खुदा के नाम पे लड़ने वालों,
कदम रोक लो, तबाही को बड़ने वालों,
ज़रा दिल-ओ-दिमाग को खोलो,
छोटी-छोटी बातों पे अड़ने वालों
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    उसकी रूह से लिखी गयी थी किताब, इसमें कोई शक़ नहीं, मगर उसे किसी क़ायदे-ओ-क़िताब में बाँधने का, किसी को हक़ नहीं!