रंग बिरंगी एकता
दिल भी कमाल करता है, जब खाली-खाली होता है, भर आता है
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इंसानियत और अमन
रूहानी
अपनों से, कभी खुद से गुफ्तगू
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रविवार, अगस्त 8
एक दुसरे से नाराज़ हो कर, कब मसले हल हुआ करते हैं?
एक दुसरे से नाराज़ हो कर,
कब मसले हल हुआ करते हैं?
हाथ बड़ा कर, हम कलाम हो कर,
खुदा के बन्दे सफल हुआ करते हैं
- गुडिया
1 टिप्पणी:
रंजन
ने कहा…
बेहतरीन...
8 अगस्त 2010 11:11 pm
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1 टिप्पणी:
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