रविवार, अगस्त 8

एक दुसरे से नाराज़ हो कर, कब मसले हल हुआ करते हैं?

एक दुसरे से नाराज़ हो कर,
कब मसले हल हुआ करते हैं?
हाथ बड़ा कर, हम कलाम हो कर,
खुदा के बन्दे सफल हुआ करते हैं
- गुडिया
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दिल्ली, सर चढ़ा है तेरा जादू

मुसलसल हलकी-हलकी हुड़क है, तेरी सम्त जाती मेरी हर सड़क है, मेरी कायनात का मरकज़ है तू आरज़ू शब-ओ-रोज़ है तेरी, तू माशूका नहीं,...