रविवार, अगस्त 8

एक दुसरे से नाराज़ हो कर, कब मसले हल हुआ करते हैं?

एक दुसरे से नाराज़ हो कर,
कब मसले हल हुआ करते हैं?
हाथ बड़ा कर, हम कलाम हो कर,
खुदा के बन्दे सफल हुआ करते हैं
- गुडिया
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    उसकी रूह से लिखी गयी थी किताब, इसमें कोई शक़ नहीं, मगर उसे किसी क़ायदे-ओ-क़िताब में बाँधने का, किसी को हक़ नहीं!