रविवार, जुलाई 25

नए दिन के साथ नई शुरुआत की जाए

नए दिन के साथ नई शुरुआत की जाए
बंद दरवाज़े खोलने की साजिश की जाए

एक ज़माने से लड़ रहें हैं
कभी खुद से, कभी एक दुसरे से,
मुस्कराहट को बाँट कर, रंजिश में कुछ रिआयत की जाए

उम्मीद की लौ एक दिल से दुसरे तक पहुंचाई जाए,
गले लगा कर अपने दिल की आवाज़ दुसरे तक पहुंचाई जाए,
दूर-दूर बहुत रह लिए, अब रिश्ते जोड़ने की हिमायत की जाए

मिल जाओ की अब बहुत हो चुका,
बस करो की अब बस हुआ,
अब वक़्त है की मिलके इस दुनिया में रिहाइश की जाए
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